Students

विद्यार्थियों के लिए सामान्य नियम :-

इस महाविद्यालय को जो यश प्राप्त हुआ है उसका कारण विद्यार्थियों का सदाचार एवं उत्तम परीक्षाफल ही रहे हैं किसी संस्था की प्रगति, कीर्ति एवं सुव्यवस्था विद्यार्थियों के निश्चित नियमों एवं परम्पराओं का पालन करने पर ही निर्भर करती है। विद्यार्थियों की सहायता एवं निर्देश के लिए निम्नलिखित नियम हैं-

1. विद्यार्थी अपनी साइकिल ,स्कूटर, मोटर साइकिल आदि को साइकिल स्टैण्ड पर रखें। महाविद्यालय परिसर मे अन्य स्थान पर वाहन रखना वर्जित है।

2. विद्यार्थियों को बरामदों में घूमना वर्जित है। कक्षाओं के चलते समय कक्षाओं के भीतर अथवा बाहर किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न नहीं करनी चाहिए।

3. महाविद्यालय की सम्पत्ति को, जो कि विद्यार्थियों की ही सम्पत्ति है, हानि नहीं पहुँचानी चाहिए । दीवारों पर पोस्टर चिपकाना अथवा लिखना निषिद्धि है। महाविद्यालय की दीवारों एवं कोनों आदि में पीक करना या थूकना मना है।

4. सगुरुजनों, कर्मचारियों एवं एक दूसरे का आदर करना चाहिए। महाविद्यालय के भीतर और बाहर साधारणतः ऐसा व्यवहार करना चाहिए जिससे कि अपने माता-पिता तथा संस्था के नाम को ऊँचा उठा सकें।

5. उच्च कक्षाओं के विद्यार्थियों को छोटी कक्षाओं के विद्यार्थियों द्वारा महाविद्यालय की सम्पत्ति को हानि पहुँचाते या इमारतों को खराब करते देख कर ऐसा न करने की शिक्षा देनी चाहिए। यह तभी हो सकेगा जब स्वयं वे भी इसका पालन करें।

6. स्वास्थ्य एवं सर्वांगीण विकास के लिये महाविद्यालय में उपलब्ध क्रीड़ा-स्थल, व्यायामशाला, पुस्तकालय, प्रयोगशालाओं जैसी सुविधाओं का पूरा लाभ उठाना चाहिए।

7. रेल तथा बस से यात्रा करने वाले विद्यार्थियों को मासिक रेलवे कन्सेशन फार्म महाविद्यालय कार्यालय के काउन्टर नं0 8 पर उपलब्ध होगा। रेलवे कन्सेशन के प्रभारी डाॅ0 हेमंत कुमार रीडर, भूगोल विभाग है।

8. विद्यार्थियों को परीक्षाएँ गभ्भीरता पूर्वक देनी चाहिए। उन्हे यह अच्छी तरह जान लेना चाहिए कि किसी परीक्षा में सम्मिलित न होने पर उनकी पुनः परीक्षा नहीं होगी।

9. ऐसा व्यक्ति जिसका महाविद्यालय में प्रवेश नहीं है, कक्षा में नहीं बैठ सकता है।

10.विद्यार्थियों को महाविद्यालय द्वारा भुगतान चैक द्वारा किया जायेगा। चैक खो जाने पर 6 माह पश्चात् दूसरा चैक आवश्यक कार्यवाही के उपरान्त ही दिया जा सकेगा।

11. अनुशासन एवं व्यवस्था संबंधी विषयों में प्राचार्य का निर्णय अन्तिम होगा।

12. स्नातक स्तर पर प्रवेश हेतु खेलकूद से सम्बन्धित भारांक उस स्थिति में दिये जायेंगे जो अभ्यर्थी ने 10+2 स्तर पर प्राप्त किये हों।

13. स्नातक द्वितीय व तृतीय वर्ष में केवल इसी महाविद्यालय के संस्थागत विद्यार्थियों को प्रवेश दिया जायेगा।

14. विश्वविद्यालय द्वारा विलम्ब से घोषित किये जाने वाले परीक्षाफलों के सम्बन्ध में प्रवेश अंकतालिका पर अंकित तिथि से 10 दिन के अन्दर ही दिये जायेंगे, इसके पश्चात् विश्वविद्यालय की अनुमति से ही प्रवेश दिये जायेंगे।

15. अस्थायी अंकतालिकाओं के आधार पर प्रवेश नहीं दिया जायेगा।

16. विद्यार्थी को अगली कक्षा में प्रवेश की अनुमति तभी दी जायेगी जब वह पूर्व कक्षा की परीक्षा में उत्तीर्ण हो।

17. (क) परीक्षार्थियों को बी0ए0/बी0एस-सी0/बी0काॅम0 की परीक्षा अधिकतम् 6 वर्ष की अवधि मे,एम0ए0/एम0एस-सी0/एम0काॅम0 पूर्णकालिक, 4 वर्ष की अवधि में पूर्ण करनी होगी। गणना उस शैक्षिक सत्र् से की जायेगी जिस सत्र् में विद्यार्थी ने पाठ्यक्रम के प्रथम वर्ष में प्रवेश प्राप्त किया है या परीक्षा दी हो।
(ख) दूसरी उच्च कक्षा में प्रवेश अनुमति तीन वर्ष का अन्तराल होने के उपरान्त नहीं दी जायेगी। उदाहरणार्थ वर्ष 2010 में उत्तीर्ण छात्र् का जुलाई 2014 में प्रवेश नहीं हो सकेगा। अन्तराल के सम्बन्ध में विश्वविद्यालय का नियम अन्तिम रूप से मान्य होगा। स्नातकोत्तर कक्षा हेतु 2 वर्ष का अन्तराल ही अनुमन्य होगा।
(ग) यू0एफ0एम0 के छा़त्रों को उतने वर्ष अधिक मिलेंगे, जितने वर्ष तक वे परीक्षा से वंचित होते हैं।

18. पपरीक्षार्थी को 21 (क) में दर्शायी गई अनुमन्य समय सीमा के अन्तर्गत स्नातक पाठ्यक्रम की परीक्षा उत्तीर्ण/पूर्ण न करने पर पुनः उसी स्नातक पाठ्यक्रम में प्रवेश की अनुमति नहीं होगी।

19.विद्यार्थी को किसी अन्य पाठ्यक्रम में प्रवेश की अनुमति तब तक नहीं होगी जब तक कि वह उस पाठ्यक्रम को पूर्ण नहीं कर लेता है जिसमें वह पहले से प्रवेश ले चुका है अर्थात दो पाठ्यक्रम एक साथ करने की अनुमति नहीं होगी। दोनों पाठ्यक्रमों में से किसी एक का चयन करने का विकल्प परीक्षार्थी का होगा।p>

20. विश्वविद्यालय ऐसे विद्यार्थियों को स्नातक की अगली उच्च कक्षा में प्रवेश के लिए अनुमन्य कर सकता है जिन्होंने पूर्व कक्षा किसी अन्य मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से उत्तीर्ण की हो। यह प्रवेश निम्न के अधीन होगा। (क) सम्बन्धित विषय की बोर्ड आॅफ स्टडीज के संयोजक एवं सम्बन्धित संकाय के अधिष्ठाता की संस्तुति और प्रवेश समिति के अनुमोदन के पश्चात् छात्र को प्रवेश दिया जायेगा और प्रवेश के समय उल्लिखित शर्तों को उसे पूरा करना होगा।
(ख) ऐसे विद्यार्थी विश्वविद्यालय द्वारा निर्धारित सभी स्नातक पाठ्यक्रमों में अध्ययन कर सकेंगे।
(ग) यह नियम स्नातकोत्तर कक्षाओं पर लागू नहीं होगा। किन्तु जो विद्यार्थी किसी अन्य विश्वविद्यालय द्वारा संचालित पाठ्यक्रम की परीक्षा के पार्ट (भाग एक ,दो अथवा तीन) की परीक्षा में अनुत्तीर्ण हो गयें हैं। उन्हें इस विश्वविद्यालय में भाग दो तीन में प्रवेश अनुमन्य नहीं होगा। विद्यार्थी जिसने किसी भी स्नातक/स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम के किसी भी वर्ष की परीक्षा व्यक्तिगत परीक्षार्थी के रूप मे उत्तीर्ण की है, को उसी स्नातक/स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम की अगली कक्षा में नियमित प्रवेश की अनुमति नहीं होगी।

21. जिस छात्र ने स्नातकोत्तर उपाधि पहले से ही संस्थागत या व्यक्तिगत रूप से अर्जित कर ली हो, उसे नियमित अर्थात संस्थागत छात्र के रूप में अन्य स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों में प्रवेश की अनुमति नहीं होगी।

22. जिस विद्यार्थी ने एक शैक्षिक सत्र् में उपस्थिति पूर्ण कर ली हो और वह परीक्षा में नहीं बैठता या विश्वविद्यालय परीक्षा में अनुत्तीर्ण हो जाता है तो उसे पुनः उसी कक्षा या पाठ्यक्रम में नियमित प्रवेश नहीं दिया जायेगा।

23.स्नातकोत्तर कक्षा में नियमित प्रवेश हेतु उत्तीर्ण स्नातक परीक्षा में 45% प्रप्ताँक होना अनिवार्य है। SC,ST के लिए उत्तीर्ण होना पर्याप्त है। एम0ए0 पूर्वार्द्ध भूगोल में यह नियम लागू नहीं होगा।

24. स एम0एस-सी (सभी विषय) और एम0ए0 गणित, भूगोल में प्रवेश के लिए निम्न अतिरिक्त नियम निर्धारित किये गये हैं। (क) निर्धारित संख्या से अधिक विद्यार्थीयों को प्रवेश नहीं दिया जायेगा ।
(ख) एम0एस-सी0, और एम0ए0 पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए न्यूनतम पात्रता शर्त उपर्युक्त नियमों के अनुसार त्रिवर्षीय बी0 एस-सी0 और बी0 ए0 परीक्षा में द्वितीय श्रेणी के अंक 45% से किसी भी दशा में कम नहीं होने चाहिए और एम0 एस-सी0/एम0ए0 का ऐच्छिक विषय जिसमे प्रवेश चाहता है उसमें 45% प्रतिशत अंक होने चाहिए।
(ग) छात्र एम0एस-सी0, एम0ए0 में प्रवेश के लिए उन्हीं विषयों में आवेदन कर सकता है जिन विषयों में उसने स्नातक अन्तिम स्तर पर एक प्रमुख विषय के रूप में उत्तीर्ण की हो।
(घ) प्रयोगात्मक विषयों में नान स्ट्रीम विद्यार्थियों का प्रवेश नहीं होगा।

25. अनुचित साधनों का प्रयोग अथवा प्रयोग का प्रयास करने वाले छा़त्रों को एवं विश्वविद्यालय परीक्षा में अभद्र व्यवहार करने वाले विद्यार्थियों की शिकायत प्राप्त होने पर उन्हें महाविद्यालय के किसी भी पाठ्यक्रम में प्रवेश नहीं दिया जायेगा।

26. (क) वह विद्यार्थी जो पुलिस अभिलेखों के अनुसार हिस्ट्रीशीटर है अथवा किसी अपराध में दोषी सिद्ध पाया गया है अथवा किसी आपराधिक मुकदमें में शामिल है, को महाविद्यालय में प्रवेश नहीं दिया जायेगा और यदि पहले से प्रवेश पा चुका है तो उसका प्रवेश किसी भी समय बिना किसी पूर्व सूचना के निरस्त कर दिया जायेगा।
(ख) महाविद्यालय के प्राचार्य महाविद्यालय में अनुशासन बनाये रखने की दृष्टि से किसी भी अभ्यर्थी के प्रवेश अथवा पुनः प्रवेश को बिना कोई कारण बताये निरस्त कर सकते हैं/मना कर सकते हैं भले ही मामला कैसा भी हो।

27. एम0 काॅम0 प्रथम वर्ष में प्रवेश के लिए प्रवेशार्थी को बी0काॅम0 परीक्षा संस्थागत उत्तीर्ण होना चाहिए। ऐसे प्रवेशार्थी जिन्होंने बी0ए0/बी0एस-सी0 अर्थशास्त्र अथवा गणित प्रमुख विषय के रूप में, सहायक/गौण विषय के रूप में उत्तीर्ण नहीं की है उन्हें एम0 काॅम0 प्रथम वर्ष में प्रवेश की अनुमति नहीं होगी। उन्हें एम0 काॅम0 प्रथम वर्ष प्रतिबन्धक / अर्हकारी प्रिन्सिपल आॅफ इकनामिक्स ओर/अथवा एलीमेण्टरी एकाउन्टस को उत्तीर्ण करना होगा।

28. जिन विद्यार्थियों ने जामिया-ई-उर्दू अलीगढ़ से अदीब कामिल परीक्षा उत्तीर्ण की है, वे इस विश्वविद्यालय के किसी भी अध्ययन/पाठ्यक्रम में प्रवेश के अर्ह नहीं होंगे।

29. जिन विद्यार्थियों ने सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय, वाराणसी से मध्यमा परीक्षा अंग्रेजी के साथ उत्तीर्ण की है वे बी0 ए0 में प्रवेश प्राप्त करने के अर्ह होंगे।

30.जिन पाठ्यक्रमों में प्रवेश, प्रवेश परीक्षा के माध्यम से होगा उन पाठ्यक्रमों में सीधे प्रवेश की अनुमति नहीं होगी।

31. एम0 एस-सी0 प्रथम वर्ष को छोड़कर एम0ए0 एवं एम0काॅम0 तथा स्नातक प्रथम वर्ष में प्राप्तांकों के प्रतिशत के आधार पर श्रेष्ठता सूची से प्रथम वर्ष में प्रवेश लिये जायेंगें।

32. (क) शासन के आदेश के अनुरूप महाविद्यालय में प्रवेश हेतु स्वीकृत सीटों में से अनुसूचित जाति/जनजाति तथा अन्य पिछड़ी जाति के छा़त्रों के लिए क्रमशः 21 प्रतिशत, 02 प्रतिशत और 27 प्रतिशत स्थान सुरक्षित रखे जायेंगे। आरक्षित स्थान तब तक रिक्त रखे जायेंगे जब तक प्रवेश की तिथि समाप्त न हो।
(ख) विकलांग/स्वतन्त्रता संग्राम सेनानी के आश्रित एवं भूतपूर्व सैनिकों के प्रवेश क्रमशः 03 प्रतिशत, 02 प्रतिशत तथा 01 प्रतिशत उनकी श्रेणी के अन्तर्गत आरक्षित रखे जायेंगे।
(ग) यदि जनजाति के छात्र प्रवेश हेतु उपलब्ध नहीं होते हैं तो रिक्त स्थान अनुसूचित जाति के छा़त्रों से भरे जायेंगे। यदि किसी भी आरक्षित श्रेणी में सीटें रिक्त रहती हैं तो उन्हें सामान्य सीटें मानकर भरा जायेगा।

33. किसी भी वर्ग में आरक्षण का लाभ प्रवेश आवेदन प्रत्र में सम्बंधित प्रमाण-पत्र संलग्न करने पर ही दिया जा सकेगा। योग्यता सूची बनने के बाद प्रमाण-पत्र की प्रस्तुति पर कोई विचार नहीं होगा।

34. प्रदेश के बाहर से आये छा़त्रों के लिए (मेरिट) योग्यता के आधार पर केवल 05 प्रतिशत स्थान ही प्रवेश हेतु आरक्षित किये जायेंगे।

35. सरकारी कर्मचारी या सार्वजनिक संस्थान में कार्यरत कर्मचारियों के स्थानान्तरण के फलस्वरूप प्रवेश सुविधा माननीय कुलपति जी के आदेश से दी जा सकती है एवं अभिभावको के स्थानान्तरण के फलस्वरूप अन्य विश्वविद्यालय के छा़त्रों को प्रवेश इस शर्त पर दिये जा सकते हैं कि वे प्रवेश के लिए पात्रता रखते हैं। ऐसे प्रवेश 31 अक्टूबर के उपरान्त नहीं लिये जायेंगे और इनके लिए सीटें निर्धारित सीटों के अतिरिक्त होंगी।

36. स्ववित्त पोषित पाठ्यक्रमों के विद्यार्थियों का स्थानान्तरण किसी भी दशा में एक से दूसरे महाविद्यालयों में अनुमन्य नहीं होगा।

37. प्रवेश के लिए ज्येष्ठता सूची तैयार करते समय प्रतिवर्ष के अन्तराल का 2% अंक घटाकर प्रवेश ज्येष्ठता सूची तैयार की जायेगी।

38. प्रवेश हेतु तैयार की गयी मेरिट सूची में निम्न विशिष्ट योग्यताओं के अतिरिक्त भारांक प्रदान किये जाएंगें – (क)राष्ट्रीय अथवा अन्तर्राष्ट्रीय विश्वविद्यालय खेलकूद में भागीदारी और खेलकूद में विशिष्ट उपलब्धियों के लिए भारांक 10 अंक
(ख)विश्वविद्यालय टीम में प्रतिनिधित्व 05 अंक
(ग) एन0 सी0 सी0 के ‘‘सी’’ सर्टिफिकेट अथवा ‘‘जी’’ सर्टिफिकेट 10 अंक और ‘‘बी’’ और ‘‘जी’’ प्रथम सर्टिफिकेट के लिए 05 अंक
(घ) एन0 एस0 एस0 के दो शिविर पूर्ण करने तथा 240 घंटे की सेवायें 10 अंक
एन0 एस0 एस0 का एक शिविर तथा 240 घंटे की सेवायें 05 अंक 120 घंटे तथा एक शिविर अथवा 240 घंटे की सेवायें 05 अंक या 12वीं कक्षा स्तर पर स्काउट सोपान परीक्षा उत्तीर्ण पर 10 अंक या 12 वीं कक्षा के स्तर पर सोपान तृतीय परीक्षा उत्तीर्ण करने पर 05 अंक या राज्य स्तर पर पुरस्कृत 10 अंक भारत के राष्ट्रपति द्वारा पुरस्कृत 10 अंक नोट- रोवर्स रेंजर 10 दिन का शिविर 05 अंक किसी भी स्थिति में किसी भी छात्र/छात्रा को 10 अंक से अधिक भारांक नहीं दिये जायेंगे। शैक्षिक योग्यता के आधार पर प्रदत्त श्रेणी की मान्यता यथावत रहेगी अर्थात भारांक के आधार पर प्रभावित नहीं होगी।

39. स्पोर्ट्स कोटे के अन्तर्गत राष्ट्रीय अथवा अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर एक खिलाड़ी के प्रवेश हेतु प्रमाण-पत्र् प्रस्तुत करने पर कुलपति महोदय द्वारा प्रवेश हेतु विशेष अनुमति दी जा सकती है परन्तु यह नियम प्रवेश-परीक्षा के द्वारा दिये गये प्रवेश पर लागू नही होंगे अर्थात जहां प्रवेश प्रवेश-परीक्षा के माध्यम से किये जायेंगे उन पर प्रवेश के लिये कुलपति महोदय अनुमति नहीं देंगे।

40. परास्नातक कक्षा में प्रवेश हेतु उसी विषय में प्रवेश लिया जा सकेगा जिन विषयों में उसने स्नातक की उपाधि प्राप्त की हो। परास्नातक कक्षा में प्रवेश हेतु योग्यता सूची छात्र् के स्नातक के तीनों वर्ष के प्राप्तांक (प्रायोगिक परीक्षा को छोड़कर) तथा जिस विषय में प्रवेश चाहता है उसके अंक को सम्मिलिति करते हुए योग्यता प्राप्तांक सूची तैयार की जायेगी। जिन कक्षाओं में विश्वविद्यालय प्रवेश परीक्षा आयोजित नहीं करेगा उन्हीं कक्षाओं में प्रवेश महाविद्यालय योग्यता सूची से करेगा।

41. ऐसे छात्र जिन्होंने स्नातक उपाधि अन्य किसी विश्वविद्यालय से प्राप्त की हो वह इस विश्वविद्यालय से एकल विषय के लिए अर्ह नहीं होंगे। ऐसे छा़त्र जिन्होंने स्नातक उपाधि अन्य किसी विश्वविद्यालय से प्राप्त की हो वह इस विश्वविद्यालय से ब्रिज कोर्स की परीक्षा के लिए अर्ह नहीं होंगे।

42. छात्र जिस श्रेणी (अर्थात सामान्य शुल्क, भुगतान शुल्क, अनिवासी शुल्क वाली सीट) में प्रवेश लेता है उसी श्रेणी में पूरे पाठ्यक्रम में अध्ययन करेगा। यह श्रेणी अपरिवर्तनीय होगी। किसी भी श्रेणी से दूसरी श्रेणी में प्रवेश स्थानान्तरण अनुमन्य नहीं होगा।

43. स्नातक स्तर पर एक विषय में छात्र व्यक्तिगत अभ्यर्थी के रूप मे परीक्षा में सम्मिलित हो सकता है लेकिन प्रयोगात्मक विषय वाले छात्र को प्रवेश तभी दिया जायेगा जब नियमित प्रवेश के उपरान्त महाविद्यालय में स्थान रिक्त हो। इसके लिए मुख्य परीक्षा एवं प्रवेश के मध्य अधिकतम् 5 वर्ष का अन्तराल अनुमन्य होगा।

44. एक महाविद्यालय से दूसरे महाविद्यालय में प्रवेश हेतु पारस्परिक स्थानान्तरण केवल स्नातकोत्तर कक्षाओं में अनुमन्य है जहां प्रवेश प्रवेश-परीक्षा के माध्यम से दिये जाते हैं। यह स्थानान्तरण विश्वविद्यालय द्वारा महाविद्यालयों की पारस्परिक अनापत्ति के आधार पर समान कक्षा में होना चाहिए। यह सुविधा केवल एक बार अनुमन्य होगी।

45. बी0 एड0 पाठ्यक्रम में विश्वविद्यालय द्वारा निर्धारित प्रवेश नियमावली के अनुसार प्रवेश दिये जाएगें।

46. विश्वविद्यालय को उपरोक्त प्रवेश नियमों में संशोधन का अधिकार होगा। अन्तिम रूप से प्रवेश विश्वविद्यालय द्वारा निर्धारित नियमों के अनुसार होंगे।

47. स्नातक प्रथम वर्ष की प्रवेश प्रक्रिया यदि विश्वविद्यालय द्वारा पूर्ण की जाती है, तो विश्वविद्यालय नियमानुसार आवंटित विद्यार्थियों को प्रवेश दिया जायेगा ।

48. महाविद्यालय में ‘छात्र परिषद’ का गठन किया जाता है।

<